ज़िंदा हूँ
लिखने का मन करता है.......
Saturday, 19 April 2014
शहर की क्या ख़ता थी।
तुम क्यों चली गई, दिल्ली छोड़ कर
रुसवा मैंने किया, शहर की क्या ख़ता थी।
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