Monday, 17 February 2014

चुनाव अब जो पास आया है

चुनाव अब जो पास आया है
राहुल: हमने RTI लाया है
मोदी: मैंने भी कभी चाय बनाया है।
नितिश: मुझे किसी पर भरोसा नहीं है।
माया: किसी को पिछडों का ख्याल नहीं है।
सुषमा: कांग्रेस का अब सम्मान नहीं है।
मुलायम: मुजफ़्फ़र नगर की बात ना करो
शीला: लड़कियों अकेले ना बाज़ार जाया करो।
राजागोपालन: तेलंगाना तेलंगाना???
विश्वास: भंवर कोई अमेठी पर जो, जा बैठा तो हंगामा।
मोदी: मैं राजनेता गद्दावर।
राहुल: व्हाट अबाउट वीमेन एमपावर?
शिंदे:ये संसद कोई फुटपाथ नहीं है।
अरविन्द: मैं आम आदमी हूँ जी मेरी कोई औकात नहीं है।



चुनाव में वादा करना तुम भी जरुर
मगर सच बोलोगे तो चुनाव हार जाओगे।
अपनी जात खुद से मत कहना तुम
मगर जात छुपाओगे तो चुनाव हार जाओगे
आयोग को पैसे का हिसाब देना जरुर
मगर सब दिखाओगे तो चुनाव हार जाओगे
घर घर शीश नवाना तुम भी जरुर
अगर सर उठाओगे तो चुनाव हार जाओगे।

आओ फिर से दिया जलाएँ / अटल बिहारी वाजपेयी

आओ फिर से दिया जलाएँ
भरी दुपहरी में अंधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें-
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ

हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आंखों से ओझल
वतर्मान के मोहजाल में-
आने वाला कल न भुलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।

आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज़्र बनाने-
नव दधीचि हड्डियां गलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ

Monday, 10 February 2014

वैष्णव जन तो तेने कहिये जे

वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड परायी जाणे रे।
पर दुःखे उपकार करे तो ये मन अभिमान न आणे रे॥

Vaishnav (devotees of Vishnu) people are those who,
Feel the pain of others,
Help those who are in misery,
But never let ego or conceit enter their mind.

समदृष्टि ने तृष्णा त्यागी, परस्त्री जेने मात रे।
जिह्वा थकी असत्य न बोले, परधन नव झाले हाथ रे॥

Vaishnav see all equally, renounce greed and avarice,
View others as extensions of one family,
Their tongue might get tired, but they will never speak falsehood,
Their hands would never touch the wealth of another.

Saturday, 8 February 2014

अर्नब-अरविन्द इंटरव्यू

जरा सोचिये कि अगर राहुल बाबा का इंटरव्यू की जगह अरविन्द का इंटरव्यू होता तो क्या होता?

क्या अर्नब गोस्वामी को गुस्सा आता?





केजरीवाल और अर्नब गोस्वामी की नक़ल की कोशिश कर रहा हूँ।

अरविन्द जरा ज्यादा पंजाबी सुनाई देंगे ।उसके लिए माफ़ी।

अर्नब को सुनता रहा हूँ पहले भी।इसलिए उनकी आवाज निकलने में सहज महसूस कर रहा था।



Sunday, 2 February 2014

लिखने का मन करता है.......

ब्लॉग की सब-हैडिंग है "लिखने का मन करता है"।मन एक अलग संसार होता है।सभी का मन अलग अलग संसार है। न जाने कितने पैरेलल यूनिवर्स के माफ़िक। सच में ये मन भी कई मायनों में बाहर के संसार जैसा ही है जिस पर हमारा कण्ट्रोल रख पाना कठिन होता है,नामुमकिन नहीं बोलूँगा नहीं तो कुछ बुध्धिजीवीयो के मन को ठेस पहुँच जायेगी।ये मन ही है जो कई बार बाहर के संसार को भी कण्ट्रोल करता है। तभी हम कहते हैं कि आज मूड नहीं है भाई ये काम कल कर दूंगा पक्का ।मन खुद  संसार इसलिए भी है क्योंकि इसमें बाहर की ही तरह कई किरदार होते हैं। कभी मन ही मन किसी को गरिया देते हैं। मन ही मन किसी से बातें कर लेते है। कई बार मन में ही माफ़ी भी मांग लेते हैं। मन की सीमा रेखा ठीक बाहर की तरह हम देख नहीं सकते हैं।मन में ईश्वर भी होता है।

मन के संसार को बाहरी संसार से पवित्र माना गया है। शायद इसीलिए कहा जाता है कि "मन लगा कर पढो बेटा"।मन का लगना पैशन शो करता है आप के किसी भी काम के प्रती।मन से दी गई दुआ भी जल्दी कबूल होती है।

मन वो ही प्लेटफार्म है जहाँ हम खुद से बतिया लिया करते हैं। खुद से मुलाक़ात कर लेते हैं हाल-चाल पूछ लेते है।मन की ताकत भी बड़ी फेमस है। "हमको मन की शक्ती देना मन विजय करें"।
मन पर विजय पाने का आखिर क्या मतलब हो सकता है। कण्ट्रोल कर लेना। शायद मन पर तभी विजय होती होगी जब हमारे मन के संसार में और बाहरी संसार में कोई भेद ना हो। जो हम सोचे वो हम करें।
कई बार बाहरी संसार का मनुष्य संशय रखता है तो पूछ लेता है कि "मन मे कोई डाउट तो नहीं है ना"। मानो ये पूछ रहा हो "आर u सिञ्करोनाईस्ड विथ आउटर वर्ल्ड?"

मन संसार उतना पवित्र भी नहीं है जितना हम सोचते हैं। कई बार मन संसार में ज्यादा रहना,लोग offensive ले लेते हैं।कई बार हमें लोग कहते हैं। "अरे! भाई यहीं हो  कि कहीं खो गए हो? मन संसार में गोता लगा रहे छात्र को क्लास से बाहर भी निकाल दिया जाता है। कि क्लास में ध्यान नहीं देता है।

मन संसार में अपराध भी होते हैं।अपराधी न जाने कितने बार बाहरी संसार के अपराध की प्रक्टिस मन संसार में करता होगा।

ये सब मन की उलझन सुलझन के लिए नहीं। मन की ख़ातिर लिख रहा हूँ।इसलिए "लिखने का मन करता है"।