Sunday, 26 January 2014

प्रसादम्



जब भी घर में पूजा होती है।घर में उस दिन खाना कुछ ख़ास स्वादिष्ट लगता है। पंजीरी आम दिनों के बनिस्पत सत्यनारायण की पूजा के दिन पंचामृत के साथ मिल कर वाकई अमृत लगने लगती है। दुर्गा पूजा के समय कन्या भोज के लिए बना हलवा पूड़ी की खुशबु पुरे घर को पवित्र कर देती है। ऐसा क्यों होता है कि पूजा के दिन बना खाना बहुद ज्यादा स्वादिष्ट लगता है।वाकई में खाना भगवान् को याद करते हुए बनाया जाता है इसलिए स्वाद के साथ श्रध्दा भी मिल कर स्वाद को और बढ़ा देती है। दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी के दिन जो खिचड़ी और लाल चटनी बनती है वो कलकत्ता से लेकर देश में जहाँ भी बनती है एक सामान स्वादिष्ट लगाती है।कॉलेज के दिनों में विश्वकर्मा जयंती के दिन मैकेनिकल वर्कशॉप में हम सभी ने भंडारे का आयोजन रखा था।आज भी उस दिन का स्वाद याद है।
मेरी दीदी के हाथ के खाने का मैं फैन हूँ।एक दिन उसने बताया कि जब आप अपनों के लिए मन से खाना पकाते हो तो उस खाने में प्यार भी मिल जाता है और यही स्वादिष्ट खाने की सबसे बेहतर recipe है। शायद इसलिए मेरे लिए जो भी बनाती है बहुत ज्यादा स्वादिष्ट होता है।
आज आइयप्पा जी की पूजा थी। केले के पत्ते में प्रसादम परोसा गया।जब भी पत्तल या केले के पत्ते में खाना मिलता है स्वाद और बढ़ जाता है। केले के पत्ते में खाने के भी अपने फायदे हैं।पत्ते में मौजूद एंटी ओक्सिदेंट्स कैंसर से बचाता है।
आईयप्पा पूजा की कुछ तस्वीरें-


1 comment:

  1. this is a sure question arrives in my mind "@ every durga pooja bhandara"
    Lovely answered:)

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