ऐसा मैंने सुना था।
कि जिसका जैसा नाम रख दिया जाता है।
वो वैसा ही आचरण करता है।
इसका सबसे गजब उदाहरण अटल जी हैं।
कि जिसका जैसा नाम रख दिया जाता है।
वो वैसा ही आचरण करता है।
इसका सबसे गजब उदाहरण अटल जी हैं।
वैसे तो अटलजी का जन्म दिन हम
सब के लिए खास होता है
मगर इस बार और भी खास हो गया।
अटल जी भारत के रत्न थे ही।
उन्हें नवाज़ा आज गया है।
सब के लिए खास होता है
मगर इस बार और भी खास हो गया।
अटल जी भारत के रत्न थे ही।
उन्हें नवाज़ा आज गया है।
कई रत्नों की चमक है उनमें।
राम का आदर्श है।
कृष्ण सी चतुराई है।
विवेकानंद सा विवेक।
और टैगोर सी लिखाई है।
राम का आदर्श है।
कृष्ण सी चतुराई है।
विवेकानंद सा विवेक।
और टैगोर सी लिखाई है।
अकेले ऐसे राजनेता थे।
जो संसद के पटल में जब भी बोलते थे।
तो पूरा संसद शांत हो कर सुनता था।
टोका-टाकी विरोधीे ज़रूर करते।
मगर रोका-रोकी कभी ना कर सके।
दर्शको को सम्मोहित कर
कुछ गजब ही बात बोल जाते थे।
उनके किये कटाक्ष पर
विरोधी भी ठहाके लगाते थेे।
जो संसद के पटल में जब भी बोलते थे।
तो पूरा संसद शांत हो कर सुनता था।
टोका-टाकी विरोधीे ज़रूर करते।
मगर रोका-रोकी कभी ना कर सके।
दर्शको को सम्मोहित कर
कुछ गजब ही बात बोल जाते थे।
उनके किये कटाक्ष पर
विरोधी भी ठहाके लगाते थेे।
संसद में जब बोलते तो
केवल विपक्ष की ही बुराई नहीं करते
खुद की पार्टी को भी सन्देश देते
राज धर्म का पाठ पढ़ाते।
केवल विपक्ष की ही बुराई नहीं करते
खुद की पार्टी को भी सन्देश देते
राज धर्म का पाठ पढ़ाते।
बात को कहने का अंदाज़ निराला
तेज धार सी कवितायेँ बोल कर
पाकिस्तान के मनसूबों पर
हमेशा अपना गुस्सा उन्होंने निकाला।
तेज धार सी कवितायेँ बोल कर
पाकिस्तान के मनसूबों पर
हमेशा अपना गुस्सा उन्होंने निकाला।
गीत नहीं गाता हूँ।
गीत नया गाता हूँ।
आओ मन की गाँठे खोलें
ना जाने कितनी अद्भुद रचनायें हैं।
आज भले ही खामोश हैं
मगर रह रह कर आज भी
हम सबमें गूंजते है।
गीत नया गाता हूँ।
आओ मन की गाँठे खोलें
ना जाने कितनी अद्भुद रचनायें हैं।
आज भले ही खामोश हैं
मगर रह रह कर आज भी
हम सबमें गूंजते है।
जन्म दिवस पर शत् शत् नमन
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