Saturday, 27 December 2014

अंधविश्वास बढ़ गया।


एक्टिवा से सुबह सुबह जा रहे थे।
दिल्ली की सकरी गली थी।
उतने में बिल्ली रास्ता काट गई।
रास्ता भी यूँ काटी कि लगा बस
चक्के के नीचे आ जाएगी।
उसे बचा
ने हमने ब्रेक मारा।
ससुरा स्पीड ब्रेकर भी तभी आना था।
सटपटिया के गिर पड़े हम।
बिल्ली तो बच गई।
मगर आस पास के लोग
ये सब देख कर
एक दूसरे को देखने लगे
और उतने में एक महानुभाव ने कहा-
" बिल्ली रास्ता काटी है भैया !!!
लड़के को तो गिरना ही था"।
बस फिर क्या था।
पुरे मोहल्ले का अंधविश्वास और पढ़ गया।

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